विस्तृत उत्तर
गुरुवार को बाल धोना कुछ लोक परंपराओं में वर्जित माना जाता है।
लोक मान्यता
- ▸गुरुवार = बृहस्पति दिवस; पीला = बृहस्पति; बाल धोने से बृहस्पति कमजोर।
- ▸कुछ क्षेत्रों में गुरुवार + शनिवार दोनों दिन बाल धोना/कटवाना वर्जित।
शास्त्रीय आधार: किसी वैदिक/पौराणिक ग्रंथ में गुरुवार बाल धोने का निषेध नहीं। यह पूर्णतः लोक/ज्योतिषीय मान्यता है।
व्यावहारिक: स्वच्छता > परंपरा। आवश्यकता हो तो किसी भी दिन बाल धो सकते हैं। आस्था अनुसार पालन — व्यक्तिगत विकल्प।





