विस्तृत उत्तर
हाँ — पत्नी का मासिक धर्म पति की पूजा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाता।
स्पष्ट नियम
- 1पति स्नान करके सामान्य रूप से पूजा कर सकता है।
- 2मासिक धर्म = पत्नी पर सूतक/प्रतिबंध; पति पर नहीं।
- 3पति दीपक, आरती, जप, भोग — सब कर सकता है।
पत्नी इस दौरान
- ▸मानसिक जप/भजन = सदैव अनुमत।
- ▸मूर्ति स्पर्श/पूजा सामग्री = कुछ परंपरा में वर्जित (प्रश्न 468)।
व्यावहारिक: यह अवसर है पति को पूजा सीखने/करने का। पूजा केवल महिला का कार्य नहीं — पूरे परिवार का।
स्पष्टीकरण: किसी भी शास्त्र में पत्नी के मासिक धर्म से पति की पूजा वर्जित नहीं कही गई। यह स्पष्ट और सर्वसम्मत है।





