विस्तृत उत्तर
हाँ — भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) पर चंद्रमा देखना वर्जित माना जाता है। इसे 'कलंक चतुर्थी' भी कहते हैं।
शास्त्रीय कथा (दो कारण — web-verified)
- 1गणेश जी का शाप:
चंद्रमा ने गणेश जी के गजमुख का उपहास किया। क्रोधित गणेश ने शाप दिया — 'भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को जो तुम्हें देखेगा, उसे मिथ्या दोष (झूठा आरोप) लगेगा।'
- 1श्रीकृष्ण और स्यमंतक मणि (भागवत पुराण 10.57):
श्रीकृष्ण ने गणेश चतुर्थी पर भूलवश चंद्र दर्शन कर लिया। परिणामस्वरूप उन पर स्यमंतक मणि चोरी का झूठा कलंक लगा। बाद में सिद्धिविनायक व्रत करके दोष दूर किया।
दोष लगे तो उपाय (web-verified मंत्र)
सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः।।'
— 21-108 बार जपें। अर्थ: सिंह ने प्रसेन को मारा, जाम्बवान ने सिंह को; हे बालक, रोओ मत — यह स्यमंतक तुम्हारी है।
अन्य उपाय
- ▸स्यमंतक मणि कथा पढ़ें/सुनें।
- ▸श्रीमद्भागवत 10वें स्कंध, 57वें अध्याय का पाठ।
- ▸गणेश जी से क्षमा याचना और पूजन।
- ▸दान (अन्न/वस्त्र/मिठाई)।
स्पष्टीकरण: यह मान्यता श्रीमद्भागवत पुराण, ब्रह्मवैवर्त पुराण और पद्म पुराण में शास्त्रीय आधार रखती है — यह लोक मान्यता नहीं बल्कि पौराणिक कथा पर आधारित है। श्रीकृष्ण पर भी दोष लगा — यह इसकी गंभीरता दर्शाता है।





