विस्तृत उत्तर
नामकरण संस्कार 16 संस्कारों में से एक — शिशु को नाम देना।
समय: जन्म के 11वें, 12वें या 21वें दिन (कुल परंपरा अनुसार)।
सरल विधि
- 1शुभ मुहूर्त — पंडित से मुहूर्त लें। या शुभ दिन (सोमवार/बुधवार/गुरुवार/शुक्रवार)।
- 2स्नान/शुद्धि — माता-शिशु स्नान।
- 3गणेश पूजा — 'ॐ गं गणपतये नमः' — शुभारंभ।
- 4नाम चयन:
- ▸जन्म नक्षत्र/राशि अनुसार पहला अक्षर (ज्योतिषी से)।
- ▸कुल देवता/इष्ट देवता से संबंधित।
- ▸अर्थपूर्ण, सुमधुर, सकारात्मक।
- 1नाम घोषणा — पिता/बड़ा सदस्य शिशु के दाहिने कान में नाम बोले — 3 बार।
- 2मधु-घी — शहद+घी शिशु की जीभ पर (सोने की शलाका से — गृह्यसूत्र)।
- 3आशीर्वाद — बड़ों का आशीर्वाद, ब्राह्मण भोज/दान।
सरलतम (न्यूनतम): दीपक जलाएं, गणेश स्मरण, शिशु के कान में 3 बार नाम बोलें, मिठाई बांटें।





