विस्तृत उत्तर
अविवाहित लड़कियां अनेक व्रत रख सकती हैं — मुख्यतः अच्छे वर प्राप्ति और शुभ विवाह हेतु।
रख सकती हैं
- 1सोलह सोमवार — शिव व्रत; योग्य पति प्राप्ति; सबसे प्रचलित।
- 2नवरात्रि — देवी पूजा; सभी के लिए।
- 3हरतालिका तीज — पार्वती ने शिव प्राप्ति हेतु किया; अविवाहित के लिए विशेष।
- 4एकादशी — सभी के लिए; भक्ति व्रत।
- 5गणगौर — अविवाहित + विवाहित दोनों।
- 6प्रदोष व्रत — शिव; विवाह योग।
- 7मंगला गौरी — श्रावण मंगलवार; विवाह सुख।
नहीं रख सकतीं (परंपरागत)
- ▸करवा चौथ — केवल विवाहित (पति हेतु)। कुछ आधुनिक परंपरा में अविवाहित भी रखती हैं।
- ▸वट सावित्री — केवल सुहागन।
सार: अविवाहित = अधिकांश व्रत रख सकती हैं। केवल 'पति दीर्घायु' वाले व्रत (करवा चौथ, वट सावित्री) = केवल विवाहित।





