ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
दैनिक आचार📜 नित्यकर्म पद्धति, भक्ति परंपरा1 मिनट पठन

प्रातः काल उठकर सबसे पहले कौन सा मंत्र बोलें

संक्षिप्त उत्तर

करदर्शन: 'कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।।' फिर भूमि स्पर्श: 'समुद्रवसने देवि... पादस्पर्शं क्षमस्व मे।' क्रम: करदर्शन → भूमि प्रार्थना → शौच → स्नान।

📖

विस्तृत उत्तर

प्रातः उठते ही सबसे पहले करदर्शन मंत्र — अत्यंत प्राचीन और प्रचलित।

करदर्शन मंत्र (सबसे पहले)

कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।

करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।।'

अर्थ: हाथ के अग्रभाग (उंगलियों) में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल (कलाई) में गोविंद (विष्णु) निवास करते हैं — प्रातःकाल अपनी हथेलियों का दर्शन करो।

भूमि स्पर्श मंत्र (पैर रखने से पहले)

समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।

विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे।।'

— हे पृथ्वी माता (विष्णु पत्नी), मेरे पैर स्पर्श को क्षमा करें।

अन्य: 'ॐ' या इष्ट मंत्र। 'श्री राम जय राम जय जय राम'।

क्रम: आंखें खुलें → करदर्शन → भूमि स्पर्श प्रार्थना → शौच → स्नान।

📜
शास्त्रीय स्रोत
नित्यकर्म पद्धति, भक्ति परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

प्रातःपहला मंत्रकरदर्शनसुबह

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

प्रातः काल उठकर सबसे पहले कौन सा मंत्र बोलें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको दैनिक आचार से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर नित्यकर्म पद्धति, भक्ति परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।