विस्तृत उत्तर
प्रातः उठते ही सबसे पहले करदर्शन मंत्र — अत्यंत प्राचीन और प्रचलित।
करदर्शन मंत्र (सबसे पहले)
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्।।'
अर्थ: हाथ के अग्रभाग (उंगलियों) में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल (कलाई) में गोविंद (विष्णु) निवास करते हैं — प्रातःकाल अपनी हथेलियों का दर्शन करो।
भूमि स्पर्श मंत्र (पैर रखने से पहले)
समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे।।'
— हे पृथ्वी माता (विष्णु पत्नी), मेरे पैर स्पर्श को क्षमा करें।
अन्य: 'ॐ' या इष्ट मंत्र। 'श्री राम जय राम जय जय राम'।
क्रम: आंखें खुलें → करदर्शन → भूमि स्पर्श प्रार्थना → शौच → स्नान।





