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पाप मुक्ति से जुड़े सभी प्रश्न(24)

पाप मुक्ति पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 24 प्रश्न उपलब्ध हैं।

अघोर मंत्र

अघोर मंत्र का रोज जप क्यों करें?

सभी पापों से मुक्ति के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य को अघोर मंत्र का नित्य जप करने के लिए कहा गया है।

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पाप मुक्ति

जन्म-जन्मांतर के पाप कैसे मिटते हैं?

अघोर मंत्र से अभिमंत्रित पंचगव्य, हवन, शिवस्नान, उपवास, पंचगव्य पान और गायत्री जप की विधि से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति कही गई है।

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पाप प्रायश्चित

चोरी के पाप से मुक्ति कैसे मिलती है?

ब्राह्मण का धन हरण करने वाले और स्वर्ण चोरी करने वाले के लिए दस लाख अघोर मंत्र जप से पापमुक्ति बताई गई है।

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पाप प्रायश्चित

क्रोध में किए पाप कैसे मिटते हैं?

क्रोधपूर्वक किए गए पापों के लिए अघोर मंत्र का आठ गुना जप बताया गया है।

#क्रोध में पाप#अघोर मंत्र#आठ गुना जप
पाप प्रायश्चित

जानबूझकर किए पाप कैसे मिटते हैं?

जानबूझकर किए गए पापों के लिए अघोर मंत्र का चार गुना जप बताया गया है।

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मानसिक-वाचिक पाप

मन के पाप कैसे मिटते हैं?

मानसिक पापों के लिए वाचिक पाप की जप-संख्या से भी आधा अघोर मंत्र जप बताया गया है।

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मानसिक-वाचिक पाप

वाणी के पाप कैसे मिटते हैं?

वाचिक पापों के लिए अघोर मंत्र का पचास हजार जप बताया गया है, क्योंकि ब्रह्महत्या के एक लाख जप का आधा वाचिक पाप के लिए कहा गया है।

#वाचिक पाप#वाणी के पाप#अघोर मंत्र
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र से कौन से पाप मिटते हैं?

अघोर मंत्र से महापातक, उपपातक, मानसिक, वाचिक, कायिक, मिश्रित, प्रासंगिक और जानबूझकर किए गए पापों का नाश बताया गया है।

#अघोर मंत्र#पाप मुक्ति#महापातक
अघोर मंत्र

अघोर मंत्र क्यों जपा जाता है?

अघोर मंत्र सभी प्रकार के पातक, उपपातक, मानसिक, वाचिक, कायिक और अनेक पापों की शुद्धि के लिए जपा जाता है।

#अघोर मंत्र#अघोरेश्वर#शिव
तत्पुरुष फल

ध्यान और इन्द्रिय संयम से पाप कैसे दूर होते हैं?

नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने से सभी पाप दूर होते हैं।

#ध्यान#इन्द्रिय संयम#जितेन्द्रिय
तत्पुरुष फल

महेश्वर की शरण लेने से क्या फल मिलता है?

नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने वाले पापों से मुक्त होकर महादेव में प्रविष्ट होते हैं।

#महेश्वर शरण#पाप मुक्ति#शुद्धात्मा
वामदेव फल

वामदेव शिव की भक्ति से पाप कैसे दूर होते हैं?

परमेश्वरपरायण होकर समाधि से वामदेव का ध्यान करने वाले भक्त विमल आत्मा और ब्रह्मनिष्ठ होकर पाप से छूटते हैं।

#वामदेव भक्ति#पाप मुक्ति#समाधि
वामदेव फल

वामदेव शिव का ध्यान करने से क्या फल मिलता है?

वामदेव शिव का समाधि से ध्यान करने वाले भक्त पाप से छूटकर रुद्रलोक प्राप्त करते हैं।

#वामदेव ध्यान#शिव भक्ति#पाप मुक्ति
सद्योजात फल

शिव की भक्ति और प्राणायाम से पाप कैसे दूर होते हैं?

प्राणायामपरायण और ब्रह्मतत्परचित्त होकर विश्वेश्वरदेव की शरण लेने से पापों से मुक्ति मिलती है।

#शिव भक्ति#प्राणायाम#पाप मुक्ति
सद्योजात फल

सद्योजात शिव की शरण लेने से क्या फल मिलता है?

प्राणायामपरायण होकर ब्रह्मतत्परचित्त से सद्योजात की शरण लेने वाले पापों से मुक्त, विमल आत्मा और ब्रह्मज्ञानी हो जाते हैं।

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पाठ फल

अनुक्रमणिका पाठ का फल क्या है?

अनुक्रमणिका का कीर्तन करने वाला मनुष्य सभी पापों से छूटकर ब्रह्मलोक को प्राप्त होता है।

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फलश्रुति

मकर संक्रांति की पूजा और स्नान से क्या फायदे होते हैं?

मकर संक्रांति फल: (1) आरोग्य: कुष्ठ, नेत्र, हृदय रोगों से मुक्ति; आरोग्य-मेधा-यश-दीर्घायु, (2) पाप मुक्ति + विष्णु-लोक/शिव-लोक में स्थान, (3) दान कभी क्षय नहीं — परलोक में सहस्र गुना वापस, (4) निष्काम उपासना = मोक्ष।

#मकर संक्रांति फल#पाप मुक्ति#विष्णु लोक
भैरव परिचय

भैरव काशी के कोतवाल क्यों कहलाते हैं?

ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति काशी में मिली — तभी से भैरव काशी के कोतवाल और 'दंडपाणि' (हाथ में दंड धारण करने वाले) हुए जो काशी में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं।

#काशी कोतवाल#दंडपाणि#ब्रह्महत्या
स्तोत्र पाठ

बिल्वाष्टकम् का पाठ करने से क्या फल (फलश्रुति) मिलता है?

जो व्यक्ति भगवान शिव के सामने इस 'बिल्वाष्टकम्' स्तोत्र का पाठ करता है, वह सभी पापों से मुक्त होकर अंत में शिवलोक (मोक्ष) को प्राप्त करता है।

#फलश्रुति#शिवलोक#पाप मुक्ति
व्रत फल

अनंत चतुर्दशी व्रत करने और दान देने से क्या फल मिलता है?

इस व्रत से पाप मिटते हैं, गरीबी दूर होती है, अकाल मृत्यु का डर खत्म होता है और जीवन के अंत में भगवान विष्णु के धाम (मोक्ष) की प्राप्ति होती है।

#पाप मुक्ति#अक्षय फल#मोक्ष
व्रत कथा

ब्रह्महत्या जैसा घोर पाप किस व्रत से दूर होता है?

ऋषि के निर्देश पर क्षत्रिय ने कामिका एकादशी का व्रत कर रात भर जागरण किया था। भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर उसे ब्रह्महत्या जैसे घोर पाप से मुक्त कर दिया।

#ब्रह्महत्या#प्रायश्चित#पाप मुक्ति
भक्ति एवं आध्यात्म

पाप कर्म से कैसे मुक्ति मिलती है?

सच्चे पश्चाताप, भविष्य में न दोहराने के दृढ़ संकल्प, यज्ञ, दान, तप, भजन और ईश्वर शरणागति से पाप कर्म का प्रभाव क्षीण होता है।

#पाप मुक्ति#प्रायश्चित#पाप कर्म
प्रसिद्ध मंदिर

रामेश्वरम मंदिर के 22 कुंडों का क्या महत्व है?

22 कुंड: प्रत्येक भिन्न पाप/दोष निवारण से जुड़ा। रामायण: राम ने ब्रह्महत्या प्रायश्चित्त हेतु शिवलिंग स्थापित। आश्चर्य: सभी एक परिसर में फिर भी भिन्न स्वाद (भिन्न खनिज)। विधि: क्रमानुसार 22 कुंडों में स्नान = सर्वपाप क्षय। चार धाम यात्रा में अनिवार्य।

#रामेश्वरम#22 कुंड#तीर्थ स्नान
शिव महिमा

ब्रह्माजी का सिर काटने के बाद शिव को ब्रह्महत्या का पाप क्यों लगा?

ब्रह्मा के सिर की हत्या महापाप (ब्रह्महत्या) है इसलिए भैरव रूप में शिव को यह दोष लगा। भैरव कपाल हाथ में लेकर तीर्थाटन करते रहे। काशी पहुँचने पर कपाल गिरा और पाप-मुक्ति हुई — वह स्थान 'कपाल मोचन' कहलाया।

#ब्रह्महत्या#काल भैरव#कपाल मोचन
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