विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार इस व्रत का फल 'अक्षय' और 'अनन्त' होता है। इस दिन अन्न, वस्त्र या घी का दान करने का फल करोड़ों गुना बढ़ जाता है। इस व्रत से संचित पापों का विनाश होता है, अकाल मृत्यु से सुरक्षा मिलती है, दरिद्रता नाश होती है और अंत समय में विष्णु पद (वैकुण्ठ) की प्राप्ति (मोक्ष) होती है।





