लोकतृतीया तिथि अक्षय क्यों है?तृतीया पर किया गया दान और श्राद्ध अक्षय फल देने वाला माना गया है।#अक्षय तृतीया#तृतीया श्राद्ध#अक्षय फल
पात्रता और महत्वनिसंतान दंपति को तुलसी विवाह क्यों करना चाहिए?निसंतान दंपति के लिए: तुलसी को पुत्री मानकर विवाह करने से 'कन्यादान' का अक्षय पुण्य। 'कन्यादान' = महादान — त्रिलोकी में सबसे बड़ा दान। पद्म पुराण: इससे सर्वोच्च पुण्य की प्राप्ति।#निसंतान तुलसी विवाह#कन्यादान पुण्य#महादान
व्रत फलअनंत चतुर्दशी व्रत करने और दान देने से क्या फल मिलता है?इस व्रत से पाप मिटते हैं, गरीबी दूर होती है, अकाल मृत्यु का डर खत्म होता है और जीवन के अंत में भगवान विष्णु के धाम (मोक्ष) की प्राप्ति होती है।#पाप मुक्ति#अक्षय फल#मोक्ष