विस्तृत उत्तर
बिल्वाष्टकम् की फलश्रुति के अनुसार: 'बिल्वाष्टकमिदं पुण्यं, यः पठेच्छिवसन्निधौ। सर्वपाप विनिर्मुक्तः, शिवलोक मवाप्नुयात्॥' अर्थात, जो साधक शिव के सान्निध्य में इस पुण्यदायी स्तोत्र का पाठ करता है, वह समस्त पापों से पूर्णतः मुक्त होकर अंत में शिवलोक को प्राप्त करता है।





