विस्तृत उत्तर
बिल्वाष्टकम् के आठवें श्लोक (मूलतो ब्रह्मरूपाय, मध्यतो विष्णुरूपिणे। अग्रतः शिवरूपाय...) के अनुसार, बेलपत्र के मूल (जड़ वाले भाग) में ब्रह्मा, मध्य (बीच के भाग) में विष्णु और अग्र (आगे के भाग) में शिव रूप विद्यमान हैं।
शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र के मूल (निचले हिस्से) में ब्रह्मा, बीच में विष्णु और आगे के हिस्से में भगवान शिव का वास होता है।
बिल्वाष्टकम् के आठवें श्लोक (मूलतो ब्रह्मरूपाय, मध्यतो विष्णुरूपिणे। अग्रतः शिवरूपाय...) के अनुसार, बेलपत्र के मूल (जड़ वाले भाग) में ब्रह्मा, मध्य (बीच के भाग) में विष्णु और अग्र (आगे के भाग) में शिव रूप विद्यमान हैं।
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