विस्तृत उत्तर
भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) के सम्मिलित अवतार हैं। उनके मंत्रों में तीनों देवों की शक्ति समाहित होती है, इसलिए इनकी साधना अत्यंत चमत्कारिक और शीघ्र फलदायी मानी जाती है।
भगवान दत्तात्रेय का मुख्य मंत्र 'ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः' है। इस मंत्र के नियमित जप से साधक को त्रिदेवों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है। यह मंत्र विशेष रूप से 'पितृ दोष' और 'गुरु चांडाल दोष' को शांत करने में अमोघ है। दत्तात्रेय साधना से मानसिक शांति, दरिद्रता से मुक्ति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यदि कोई व्यक्ति अकारण भय, कर्ज या तंत्र-मंत्र की बाधाओं से पीड़ित है, तो गुरुवार के दिन स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करना उसके जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है।





