ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
तंत्र और अघोर साधना⏱ 1 मिनट पठन

अघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग

महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और भस्म-प्रिय प्रकृति के कारण अघोरियों के आराध्य हैं।

संक्षिप्त उत्तर

महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और भस्म-प्रिय प्रकृति के कारण अघोरियों के आराध्य हैं। यहाँ 'अघोर मंत्र' का जप करने से साधक के कर्म-बंधन, भय और द्वैत मिट जाते हैं तथा काल-स्तम्भन का अनुभव होता है।

📖

विस्तृत उत्तर

काशी का दारा नगर, विशेश्वरगंज और समीपवर्ती मणिकर्णिका घाट क्षेत्र प्राचीन काल से अघोर, वामाचार और तंत्र साधना का महान केंद्र रहा है। महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और मृत्युंजय प्रकृति के कारण अघोरियों और तांत्रिकों के लिए सर्वोच्च साधना स्थल है। अघोर साधना में भस्म को हर भौतिक वस्तु की अंतिम और सबसे शुद्ध अवस्था माना जाता है, इसलिए भस्म-प्रिय महाकालेश्वर अघोरियों के आराध्य हैं।

स्वच्छंद तंत्र और रुद्रयामल तंत्र के अनुसार अघोर पंथ में 'अघोर ध्यान मंत्र' (अघोरेभ्योऽथ घोरेभ्यो...) का अत्यधिक महत्त्व है। इस मंत्र का जप महाकालेश्वर लिंग या श्मशान के एकांत में किया जाता है। साधक भृकुटी में दिगंबर और कालकूट विष धारण किए महाकाल का ध्यान करते हैं। इससे साधक के अवचेतन का भय और पूर्व-जन्म के सघन कर्म-बंधन भस्म हो जाते हैं, द्वैत मिट जाता है, और उसे काल-स्तम्भन का अनुभव होता है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

अघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग का क्या महत्त्व है को संदर्भ सहित समझें

अघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग का क्या महत्त्व है का सबसे सीधा सार यह है: महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और भस्म-प्रिय प्रकृति के कारण अघोरियों के आराध्य हैं। यहाँ 'अघोर मंत्र' का जप करने से साधक के कर्म-बंधन, भय और द्वैत मिट जाते...

तंत्र और अघोर साधना जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

तंत्र और अघोर साधना श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

तंत्र और अघोर साधना प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

अघोर साधनावामाचारकीनाराम परंपराअघोर मंत्रस्वच्छंद तंत्रकाशी तंत्र पीठ
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

अघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग का क्या महत्त्व है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको तंत्र और अघोर साधना से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#अघोर साधना#वामाचार#कीनाराम परंपरा#अघोर मंत्र#स्वच्छंद तंत्र#काशी तंत्र पीठ