शिव साधनाशिव की अघोर साधना क्या होती है और इसके क्या नियम हैं?अघोर = जो भयानक नहीं, सर्वत्र शिव दर्शन। शिव का अघोर मुख (दक्षिण) संहार शक्ति का प्रतीक। द्वैत नष्ट करने की साधना — जीवन-मृत्यु, शुभ-अशुभ में समभाव। श्मशान साधना प्रमुख अंग। गुरु दीक्षा अनिवार्य। सामान्य व्यक्ति के लिए नहीं। ढोंगियों से सावधान। सच्चा अघोर मार्ग अत्यंत कठिन और पवित्र।#अघोर#अघोर साधना#शिव के पंचमुख
शव साधना परिचयशव साधना क्या है?शव साधना (अघोर साधना) तंत्र मार्ग की सर्वोच्च गूढ़ आध्यात्मिक प्रक्रिया है — यह साधक को नश्वरता के भय से मुक्त कर अमरत्व के बोध तक ले जाती है।
तंत्र और अघोर साधनाअघोर साधना और वामाचार में काशी के महाकालेश्वर शिवलिंग का क्या महत्त्व है?महाकालेश्वर अपनी उग्र, संहारक और भस्म-प्रिय प्रकृति के कारण अघोरियों के आराध्य हैं। यहाँ 'अघोर मंत्र' का जप करने से साधक के कर्म-बंधन, भय और द्वैत मिट जाते हैं तथा काल-स्तम्भन का अनुभव होता है।#अघोर साधना#वामाचार#कीनाराम परंपरा