📖
विस्तृत उत्तर
माँ त्रिपुर भैरवी को सौम्य-उग्र कोटि की देवी माना जाता है।
एक महत्वपूर्ण संदर्भ के अनुसार, भैरवी, छिन्नमस्ता और धूमावती की पूजा वामाचारी प्रक्रिया से, घर से दूर, किसी आत्म-साक्षात्कारी तंत्र गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए, क्योंकि भैरवी देवी की कोई पूर्ण सात्विक पूजा नहीं हो सकती।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





