विस्तृत उत्तर
माँ तारा की उपासना दोनों ही मार्गों से की जाती है:
वामाचार:
— पंचमकार (मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा, मैथुन) का भोग देवी को अर्पित किया जाता है।
— इन तत्वों को अर्पित करने से पूर्व मंत्रों द्वारा उनकी शुद्धि और विशेष पूजा विधान का पालन किया जाता है।
दक्षिणाचार:
— पंचमकार के तत्वों के स्थान पर उनके अनुकल्प (प्रतीकात्मक विकल्प, जैसे नारियल का जल मद्य के स्थान पर) का प्रयोग किया जाता है।
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