विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना में भोग का वर्णन महानिर्वाण तंत्र और शक्ति संगम तंत्र में मिलता है:
देवता अनुसार भोग (दक्षिण मार्ग — सात्विक)
| देवता | भोग |
|-------|-----|
| काली | पान, नारियल, गुड़, काले तिल |
| काल भैरव | उड़द दाल, काले तिल, पान |
| दुर्गा | नारियल, मिठाई, फल, पान |
| शिव | धतूरा, बेलपत्र, दूध |
| त्रिपुर सुंदरी | मिठाई, फल, इलायची |
| भुवनेश्वरी | खीर, फल |
वाम मार्ग — पंचमकार
कुलार्णव तंत्र: पाँच 'म' — मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा, मैथुन। केवल दीक्षित साधकों के लिए।
दक्षिण मार्ग में प्रतीकात्मक
- ▸मद्य → नारियल जल
- ▸मांस → अदरक
- ▸मत्स्य → पान
- ▸मुद्रा → धान (अन्न)
- ▸मैथुन → ध्यान
नैवेद्य के नियम
- 1शुद्ध और ताजा भोग
- 2देव को अर्पित करके ही प्रसाद ग्रहण
महानिर्वाण तंत्र
नैवेद्यं तु ततः कुर्यात् सर्वकामफलप्रदम्।' — नैवेद्य सभी कामनाएं पूरी करने वाला।





