विस्तृत उत्तर
नैवेद्य (भोग/प्रसाद) शिव पूजा के षोडशोपचार (16 उपचार) में एक महत्वपूर्ण उपचार है। शास्त्रों में शिवलिंग पर नैवेद्य अर्पित करने का विशेष विधान है।
शिव पूजा में चढ़ाने योग्य नैवेद्य
1पंचामृत
दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (चीनी) — यह सबसे प्रमुख नैवेद्य है।
2फल
- ▸बेलफल (बिल्वफल) — शिव को सर्वाधिक प्रिय
- ▸केला, सेब, अनार, नारियल
- ▸आम, अंगूर आदि ऋतुफल
3मिठाइयां और पकवान
- ▸खीर (दूध-चावल)
- ▸पेड़ा, लड्डू
- ▸मालपुआ
- ▸हलवा
- ▸दूध से बनी मिठाइयां
4अन्न
- ▸चावल (अक्षत — पूजा में अखंडित चावल)
- ▸सत्तू, चने की दाल
5विशेष नैवेद्य (शिव को अत्यंत प्रिय)
- ▸भांग का प्रसाद (ठंडाई/भांग पेड़ा — विशेष पर्वों पर)
- ▸धतूरे का फल (केवल शिवलिंग पर अर्पण हेतु, खाने के लिए नहीं)
- ▸बिल्वफल
6पेय पदार्थ
- ▸दूध (कच्चा दूध — शिव को अत्यंत प्रिय)
- ▸गन्ने का रस
- ▸जल (गंगाजल सर्वोत्तम)
7सूखे मेवे
- ▸बादाम, काजू, किशमिश, पिस्ता
- ▸चिरौंजी, मखाना
नैवेद्य अर्पित करने के नियम
- ▸नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए।
- ▸बासी, जूठा या अशुद्ध भोग कदापि न चढ़ाएं।
- ▸नैवेद्य अर्पित करते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र बोलें।
- ▸तुलसी पत्र शिव पूजा के नैवेद्य में सामान्यतः नहीं चढ़ाया जाता (कुछ परंपराओं में मतभेद है)।
- ▸नैवेद्य शिवलिंग के बगल में रखकर अर्पित करें, सीधे शिवलिंग पर न रखें (पंचामृत/दूध अभिषेक अलग है)।
वर्जित पदार्थ
- ▸केवड़ा और केतकी का फूल शिव पर वर्जित
- ▸कुछ परंपराओं में लाल रंग के फूल वर्जित
- ▸अशुद्ध या तामसिक पदार्थ





