विस्तृत उत्तर
शिव पूजा में चढ़ाए गए फूलों के सूखने पर उन्हें बदलने के शास्त्रीय नियम:
निर्माल्य (चढ़ा हुआ प्रसाद/पुष्प) का नियम
- 1शिवलिंग पर चढ़ाए गए फूल और बिल्वपत्र को 'निर्माल्य' कहते हैं।
- 2सामान्य नियम: अगली पूजा से पहले पुराने फूल उतार कर नए फूल चढ़ाएं।
- 3सूखे/मुरझाए फूल शिवलिंग पर नहीं रहने चाहिए — ताजे पुष्प ही अर्पित करें।
शिव पूजा में विशेष नियम
- 1बिल्वपत्र अपवाद: कुछ परंपराओं में बिल्वपत्र सूखने पर भी शिवलिंग पर रहने दिया जाता है क्योंकि बिल्वपत्र शिव को अत्यंत प्रिय है।
- 2प्रतिदिन पूजा करते हैं तो प्रतिदिन पुराने फूल उतारें, नए चढ़ाएं।
- 3यदि प्रतिदिन पूजा न हो, तो जब भी पूजा करें उससे पहले पुराने निर्माल्य हटाएं।
निर्माल्य विसर्जन
- 1शिवलिंग से उतारे गए फूल/बिल्वपत्र को पवित्र नदी, तालाब में विसर्जित करें।
- 2यदि जलाशय उपलब्ध न हो तो किसी पेड़ के नीचे रख दें।
- 3निर्माल्य को कूड़ेदान में या गंदे स्थान पर न फेंकें।
- 4शिव पूजा का निर्माल्य पैर से नहीं लांघना चाहिए।
विशेष: महाशिवरात्रि या सावन में चढ़ाए गए विशेष पुष्पों का निर्माल्य और भी सम्मानपूर्वक विसर्जित करें।





