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शिव पूजा📜 शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता), स्कंद पुराण, आगम शास्त्र2 मिनट पठन

रुद्राभिषेक के दौरान कौन सा भोग चढ़ाया जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

रुद्राभिषेक भोग: पंचामृत (दूध-दही-घी-शहद-शर्करा)। बेल-फल (सर्वश्रेष्ठ)। सफेद मिठाइयाँ (खीर, पेड़ा, मालपुआ)। केला, नारियल। भाँग के लड्डू (परंपरागत)। वर्जित: तुलसी, हल्दी, केवड़ा, लाल पुष्प, मांसाहार। भोग ताजा और शुद्ध होना चाहिए।

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विस्तृत उत्तर

रुद्राभिषेक में शिव को अर्पित किए जाने वाले भोग का विधान शिव पुराण और आगम शास्त्रों में वर्णित है।

शिव को प्रिय भोग-सामग्री

1पंचामृत

दूध, दही, घी, शहद, शर्करा — यह अभिषेक का भोग भी है।

2बेल-फल (बिल्व-फल)

शिव पुराण: बेल-फल शिव को अत्यंत प्रिय — इसका नैवेद्य विशेष फलदायक।

3भाँग की मिठाई (भाँग के लड्डू)

शिव-मंदिरों में परंपरागत रूप से अर्पित। (केवल नैवेद्य रूप में — प्रसाद के रूप में सावधानी से लें।)

4धतूरे के फूल और फल

नैवेद्य नहीं, केवल अर्पण सामग्री।

5सफेद मिष्टान्न

खीर (दूध-चावल), मालपुआ, पेड़ा — श्वेत/दुग्ध-आधारित मिठाइयाँ शिव को प्रिय।

6फल

बेल-फल (सर्वश्रेष्ठ), नारियल, केला।

7ठंडाई

कुछ परंपराओं में ठंडाई शिव का विशेष भोग।

वर्जित भोग

शिव को तुलसी-दल, हल्दी, केवड़ा, और लाल रंग के फूल अर्पित नहीं किए जाते। तामसिक और मांसाहारी भोग सात्विक शिव-पूजा में वर्जित (विशेषतः शाक्त परंपरा इससे भिन्न है)।

आगम शास्त्र (कामिकागम): नैवेद्य शुद्ध, ताजा और बिना नमक (या कम नमक) का होना चाहिए।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता), स्कंद पुराण, आगम शास्त्र
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