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शिव पूजा📜 शिव पुराण, मुहूर्त चिंतामणि, ज्योतिष शास्त्र1 मिनट पठन

रुद्राभिषेक कब करना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

रुद्राभिषेक कब: सर्वश्रेष्ठ — महाशिवरात्रि (4 प्रहर)। सावन सोमवार। प्रदोष (त्रयोदशी)। मास-शिवरात्रि (कृष्ण चतुर्दशी)। व्यक्तिगत: जन्मदिन, संतान-कामना, गृह-प्रवेश। नित्य: ब्रह्म मुहूर्त। वर्जित: सूतक, श्राद्ध-दिन, ग्रहण।

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विस्तृत उत्तर

रुद्राभिषेक के लिए शुभ समय और तिथियों का विस्तृत वर्णन शास्त्रों में है।

सर्वश्रेष्ठ काल

1महाशिवरात्रि

फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी/चतुर्दशी — रात्रि के चार प्रहरों में रुद्राभिषेक — यह सर्वोच्च अवसर है। शिव पुराण: इस रात्रि किया रुद्राभिषेक एक वर्ष के नित्य अभिषेक के बराबर।

2सावन मास

संपूर्ण श्रावण मास — प्रत्येक सोमवार विशेष।

3प्रदोष (मासिक)

प्रत्येक मास की त्रयोदशी — सोम-प्रदोष (सोमवार की त्रयोदशी) सर्वश्रेष्ठ।

4शिवरात्रि (मासिक)

प्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी — 'मास-शिवरात्रि'।

5विशेष व्यक्तिगत अवसर

  • जन्मदिन (जन्म-नक्षत्र के दिन)
  • विवाह-वर्षगाँठ
  • संतान-प्राप्ति की कामना
  • गृह-प्रवेश
  • नया व्यवसाय

नित्य काल

प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त) — नित्य रुद्राभिषेक अनुमन्य।

वर्जित काल

  • सूतक/पातक (जन्म-मृत्यु अशौच)
  • अपने घर में श्राद्ध-दिन
  • राहु काल (विशेष परिस्थिति में)
  • ग्रहण-काल (स्पर्श से मोक्ष-काल तक नहीं)
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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, मुहूर्त चिंतामणि, ज्योतिष शास्त्र
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