विस्तृत उत्तर
रुद्राभिषेक के लिए शुभ समय और तिथियों का विस्तृत वर्णन शास्त्रों में है।
सर्वश्रेष्ठ काल
1महाशिवरात्रि
फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी/चतुर्दशी — रात्रि के चार प्रहरों में रुद्राभिषेक — यह सर्वोच्च अवसर है। शिव पुराण: इस रात्रि किया रुद्राभिषेक एक वर्ष के नित्य अभिषेक के बराबर।
2सावन मास
संपूर्ण श्रावण मास — प्रत्येक सोमवार विशेष।
3प्रदोष (मासिक)
प्रत्येक मास की त्रयोदशी — सोम-प्रदोष (सोमवार की त्रयोदशी) सर्वश्रेष्ठ।
4शिवरात्रि (मासिक)
प्रत्येक मास की कृष्ण चतुर्दशी — 'मास-शिवरात्रि'।
5विशेष व्यक्तिगत अवसर
- ▸जन्मदिन (जन्म-नक्षत्र के दिन)
- ▸विवाह-वर्षगाँठ
- ▸संतान-प्राप्ति की कामना
- ▸गृह-प्रवेश
- ▸नया व्यवसाय
नित्य काल
प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त) — नित्य रुद्राभिषेक अनुमन्य।
वर्जित काल
- ▸सूतक/पातक (जन्म-मृत्यु अशौच)
- ▸अपने घर में श्राद्ध-दिन
- ▸राहु काल (विशेष परिस्थिति में)
- ▸ग्रहण-काल (स्पर्श से मोक्ष-काल तक नहीं)





