विस्तृत उत्तर
शिव मंत्र जप के दौरान पानी पीने के नियम:
सामान्य नियम — जप बीच में न तोड़ें
एक माला (108 जप) के बीच में जप तोड़कर पानी पीना उचित नहीं माना जाता। माला पूर्ण करके ही पानी पिएँ।
विस्तृत विधान
- 1लघु जप (1-11 माला): माला पूर्ण होने पर पानी पी सकते हैं। बीच में न पिएँ।
- 1दीर्घ जप (अनुष्ठान/सवालक्ष): यदि बहुत लम्बा जप हो तो एक माला पूर्ण करके, मन में 'ॐ नमः शिवाय' बोलकर, आचमन (तीन बार जल ग्रहण) करके पुनः जप आरम्भ करें।
- 1निर्जला अनुष्ठान: कुछ विशेष अनुष्ठानों में जल भी वर्जित होता है (जैसे निर्जला एकादशी)। ऐसे में गुरु आज्ञानुसार ही करें।
पानी पीने की विधि (जप के बीच)
- ▸माला पूर्ण करें।
- ▸माला को आसन पर या गले में रखें (जमीन पर न रखें)।
- ▸'ॐ' बोलकर आचमन (तीन घूँट) करें।
- ▸पुनः माला उठाकर जप आरम्भ।
अन्य नियम
- ▸जप के दौरान बात न करें, न उठें।
- ▸शौच लगे तो माला रखकर, हाथ-मुख धोकर, पुनः आसन पर आएँ।
- ▸जप में एकाग्रता सर्वोपरि — बार-बार तोड़ने से जप शक्ति क्षीण होती है।
विशेष: महामृत्युंजय मंत्र या पंचाक्षर मंत्र के अनुष्ठान में गुरु द्वारा बताए नियमों का कठोर पालन करें।





