विस्तृत उत्तर
हाँ, शिवलिंग पर भांग और धतूरा दोनों एक साथ चढ़ा सकते हैं। दोनों भगवान शिव को अत्यंत प्रिय हैं।
शास्त्रीय आधार
- 1भांग: शिव पुराण में भांग को शिव का प्रिय नैवेद्य बताया गया है। सावन में शिवलिंग पर भांग के पत्ते और भांग मिश्रित दूध (भांग का प्रसाद/ठंडई) चढ़ाया जाता है।
- 1धतूरा: समुद्र मंथन से उत्पन्न 14 रत्नों में धतूरा भी माना जाता है। शिव ने इसे स्वीकार किया। धतूरे के फल, पुष्प (श्वेत) और पत्ते शिवलिंग पर चढ़ाए जाते हैं।
- 1एक साथ अर्पण: बेलपत्र, भांग, धतूरा, आक पुष्प, जल — ये सब एक साथ शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं। विशेषतः सावन के सोमवार और महाशिवरात्रि पर।
सावधानियाँ
- ▸भांग और धतूरा दोनों विषैले/मादक पौधे हैं। इन्हें स्वयं सेवन न करें — केवल शिवलिंग पर अर्पित करें।
- ▸धतूरे का बीज अत्यंत विषैला है — बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
- ▸शिव को अर्पित करने के बाद इन्हें प्रसाद के रूप में ग्रहण न करें (धतूरा तो कदापि नहीं)।
- ▸भांग प्रसाद (ठंडई) सीमित मात्रा में और वयस्कों द्वारा ही लें।
विधि: पहले जल अभिषेक → बेलपत्र → भांग पत्ते → धतूरा फल/पुष्प → आक पुष्प → चन्दन → अक्षत → 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र।





