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भांग — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

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शिव पूजा विधि

शिवलिंग पर भांग चढ़ाने का तांत्रिक महत्व क्या है?

पौराणिक: समुद्र मंथन के बाद विष ताप शांत करने हेतु शिव को भांग अर्पित (शिव पुराण)। तांत्रिक: भांग = 'विजया' — मन के विकारों पर विजय का प्रतीक। चेतना का रूपांतरण — नकारात्मकता शिव को समर्पित। त्याज्य वस्तुओं का समर्पण = शिव की सर्वव्यापकता। सावन/शिवरात्रि पर विशेष फलदायी। भांग सेवन नहीं, समर्पण का अर्थ है।

भांगविजयाशिवलिंग
शिव पूजा

शिवलिंग पर भांग और धतूरा एक साथ चढ़ा सकते हैं या नहीं?

हाँ, भांग-धतूरा एक साथ चढ़ा सकते हैं — दोनों शिव प्रिय। भांग = शिव नैवेद्य, धतूरा = समुद्र मंथन उत्पन्न। सावन/शिवरात्रि विशेष। सावधानी: दोनों विषैले — स्वयं सेवन न करें, केवल अर्पित करें। धतूरा प्रसाद कदापि न खाएँ।

भांगधतूराशिवलिंग
पूजा सामग्री

शिव जी को कौन सा भोग पसंद है?

शिव को प्रिय भोग: पंचामृत (सर्वोत्तम), भांग-ठंडाई, बेर, नारियल, सफेद मिठाई, खीर। भांग शिव पुराण में शिव का प्रिय बताई गई है। शिव 'भोलेनाथ' हैं — बेलपत्र और जल ही पर्याप्त है; भाव सर्वोपरि है।

शिव भोगनैवेद्यपंचामृत

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।