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धतूरा — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 6 प्रश्न

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शिव पूजा

शिवलिंग पर भांग और धतूरा एक साथ चढ़ा सकते हैं या नहीं?

हाँ, भांग-धतूरा एक साथ चढ़ा सकते हैं — दोनों शिव प्रिय। भांग = शिव नैवेद्य, धतूरा = समुद्र मंथन उत्पन्न। सावन/शिवरात्रि विशेष। सावधानी: दोनों विषैले — स्वयं सेवन न करें, केवल अर्पित करें। धतूरा प्रसाद कदापि न खाएँ।

भांगधतूराशिवलिंग
शिव पूजा

शिव पूजा में कौन सा फूल चढ़ाना चाहिए?

शिव पूजा पुष्प: धतूरा (सर्वप्रिय)। आँकड़ा/मदार श्वेत (स्कंद पुराण: 1 फूल = 108 कमल)। नीलकमल (लिंग पुराण: विशेष प्रिय)। चमेली/बेला/श्वेत कनेर। शमी-पत्र। वर्जित: केवड़ा (शापित, शिव पुराण), तुलसी, मुरझाए पुष्प।

शिव पूजापुष्पफूल
शिव पूजा

सावन में शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए?

सावन में शिवलिंग पर: बिल्वपत्र (सर्वोच्च — त्रिदल = त्रिमूर्ति)। जल/गंगाजल। दूध। भाँग/धतूरा (शिव-प्रिय, अर्पण हेतु)। आँकड़े के श्वेत फूल। भस्म/विभूति। चंदन। वर्जित: तुलसी, केवड़ा, हल्दी, टूटे अक्षत।

सावनशिवलिंगअर्पण
पूजा सामग्री

शिव जी को कौन सा फूल चढ़ाना चाहिए?

शिव को सर्वप्रिय: बेलपत्र (सर्वोत्तम), धतूरा, आक, कनेर, नीलकमल। वर्जित: केतकी (केवड़ा) — शिव पुराण में इसका कारण वर्णित है; तुलसी विष्णु को समर्पित। बेलपत्र की तीन पत्तियाँ शिव के त्रिनेत्र और त्रिदेव की प्रतीक हैं।

शिव पुष्पबेलपत्रधतूरा
पूजा सामग्री

शिव जी को कौन सा फूल चढ़ाना चाहिए?

शिव जी को बेलपत्र सर्वाधिक प्रिय है। धतूरा, आक के फूल, नीला कमल, कनेर, जूही और चमेली भी शिव प्रिय हैं। केतकी (केवड़ा) और तुलसी शिव पूजा में वर्जित हैं।

फूलशिव पूजाबेलपत्र
शिव पूजा विधि

शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाने का तांत्रिक और पौराणिक महत्व क्या है?

पौराणिक: समुद्र मंथन — विष शांत करने हेतु शिव को धतूरा अर्पित। विष ही विष काटता है। प्रकृति पूजा — त्याज्य वस्तु भी शिव-प्रिय। तांत्रिक: राहु-केतु दोष शांति। शत्रु नाश, बाधा निवारण। तमोगुण का शिव को समर्पण। फल और सफेद फूल दोनों अर्पित करें। स्वयं सेवन कभी न करें — विषैला है।

धतूराशिवलिंगसमुद्र मंथन

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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