विस्तृत उत्तर
शिव जी को चढ़ाने के पुष्पों का वर्णन शिव पुराण और स्कंद पुराण में विस्तार से मिलता है:
शिव को अत्यंत प्रिय (सर्वश्रेष्ठ)
- 1बेलपत्र (बिल्वपत्र) — सर्वाधिक प्रिय
बेलपत्र फूल नहीं है, किंतु पत्र-पुष्प दोनों से अधिक महत्वपूर्ण है। तीन पत्तियों वाला बेलपत्र त्रिनेत्र शिव का, त्रिशूल का और त्रिदेव (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) का प्रतीक है।
- 1धतूरा (धुस्तूर) — अत्यंत प्रिय
शिव को नशीले पदार्थ प्रिय हैं — धतूरा उनका प्रिय पुष्प है।
- 1आक (मदार) — प्रिय
आक (Calotropis) का श्वेत पुष्प शिव को अर्पित किया जाता है।
- 1कनेर — प्रिय
लाल और पीला कनेर शिव को अर्पण।
- 1शमी पत्र — विशेष
शमी (Prosopis cineraria) का पत्र शिव और शनि दोनों को प्रिय है।
- 1नीला कमल — अत्यंत प्रिय
शिव पुराण में नीले कमल को शिव का विशेष प्रिय पुष्प बताया गया है।
- 1जूही, बेला, चमेली — स्वीकार्य
प्रत्येक पुष्प का फल (शिव पुराण से)
- ▸बेलपत्र — मोक्ष
- ▸धतूरा — पुत्र प्राप्ति
- ▸आक — सूर्य के समान तेज
- ▸नीलकमल — मनोकामना
शिव को वर्जित पुष्प
- 1केतकी (केवड़ा) — ब्रह्मा-विष्णु-शिव विवाद में केतकी ने झूठ बोला था; इसीलिए शिव पूजा में केतकी वर्जित है (शिव पुराण)
- 2तुलसी — तुलसी विष्णु जी को समर्पित हैं; शिव पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाते (कुछ परंपराओं में स्वीकार्य)
- 3खंडित पुष्प — टूटे फूल नहीं
- 4बासी पुष्प — मुरझाए फूल नहीं





