विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार 'कुश' (घास) भगवान विष्णु के रोम से उत्पन्न माना जाता है और यह पवित्रता का सबसे बड़ा संवाहक है। 'काले तिल' पितरों को सर्वाधिक प्रिय हैं। मान्यता है कि श्राद्ध कर्म में काले तिल का प्रयोग असुरों और नकारात्मक शक्तियों से अनुष्ठान की रक्षा करता है।





