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पूजा सामग्री📜 शाक्त परंपरा, देवी भागवत पुराण — वस्त्र अर्पण, धर्म सिंधु2 मिनट पठन

पूजा में लाल कपड़ा क्यों रखा जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

लाल कपड़ा क्यों: लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और मंगल का प्रतीक। देवी दुर्गा-लक्ष्मी को लाल चुनरी विशेष प्रिय। षोडशोपचार में वस्त्र अर्पण एक उपचार। विष्णु को पीत, शिव को श्वेत, सरस्वती को श्वेत वस्त्र।

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विस्तृत उत्तर

पूजा में लाल कपड़े का महत्व देवी भागवत पुराण और शाक्त परंपरा में वर्णित है:

1शक्ति का रंग

लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और जीवन का प्रतीक है। देवी दुर्गा, काली, लक्ष्मी — सभी शक्ति स्वरूपाओं को लाल वस्त्र प्रिय है।

2मंगल का प्रतीक

हिंदू परंपरा में लाल रंग मंगल, सौभाग्य और शुभता का प्रतीक है। विवाह, पूजा, उत्सव — सब में लाल का प्रयोग।

3देवी को वस्त्र अर्पण

षोडशोपचार पूजा में वस्त्र अर्पण एक उपचार है। देवी को लाल चुनरी चढ़ाना विशेष रूप से शुभ।

4पूजा थाली में

लाल कपड़ा पूजा थाली में रखना — पूजा स्थान को मंगलमय बनाता है।

5देवता अनुसार वस्त्र रंग

| देवता | वस्त्र रंग |

|-------|------------|

| दुर्गा, लक्ष्मी | लाल |

| विष्णु | पीत (पीला) |

| शिव | श्वेत |

| काली | काला या लाल |

| सरस्वती | श्वेत |

6पूजक के लिए

देवी पूजा में पूजक को भी लाल वस्त्र पहनना शुभ।

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शास्त्रीय स्रोत
शाक्त परंपरा, देवी भागवत पुराण — वस्त्र अर्पण, धर्म सिंधु
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