विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में यमदूतों के रंग का स्पष्ट वर्णन किया गया है। शास्त्र के अनुसार यमदूत 'कौए के समान काले' होते हैं। यह काला रंग अंधकार, मृत्यु और भय का प्रतीक है।
गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में लिखा है — 'वे कौए के समान काले होते हैं' (काकसन्निभाः)। इसके साथ उनके केश भी काले और ऊपर उठे होते हैं। उनके नेत्र क्रोध से लाल होते हैं, जो उनके काले स्वरूप के साथ और भी भयावह दिखते हैं।
यह रंग-वर्णन केवल शाब्दिक नहीं है — इसका एक प्रतीकात्मक अर्थ भी है। काला रंग अज्ञान, पाप और मृत्यु के लोक का प्रतिनिधित्व करता है। यमदूत उस अंधकारमय मार्ग के प्रहरी हैं जहाँ पापी आत्मा को जाना होता है।
इसके विपरीत, विष्णुदूतों का रंग दिव्य पीत (पीला), शुभ्र (सफेद) या नीलाभ बताया गया है — जो प्रकाश, पवित्रता और दिव्यता के प्रतीक हैं। इस प्रकार यमदूत और विष्णुदूत दोनों के रंग-वर्णन से ही उनकी प्रकृति और उनके कार्य का बोध हो जाता है।





