विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में छल-कपट के लिए विशिष्ट नरकों का उल्लेख है।
tamishram — 'धोखे से किसी की संपत्ति हड़पने वाले को तमिश्रम नरक में बार-बार पिटाई मिलती है।'
गर्म रेत-अंगारे — 'जो लोग जीवन में धोखाधड़ी करते हैं, उन्हें गर्म रेत, अंगारों और काँटों से भरी भूमि पर चलने के लिए मजबूर किया जाता है।'
शाल्मी-वृक्ष — 'छल से धन का अर्जन करने वाले — वैतरणी तटस्थित शाल्मी-वृक्ष में जाते हैं।'
मित्र-धोखा — 'मित्र से किसी भी प्रकार का घात करने वाले — मित्रघाती व्यक्ति अगले जन्म में गिद्ध बनकर मरे हुए दुर्गंधयुक्त सड़े पशुओं को खाते हैं।'
पुनर्जन्म में — 'क्रय में धोखा देने वाला उल्लू होता है।'





