विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में लोभ के लिए विशेष नरकों का उल्लेख है।
रौरव — 'स्वार्थी, लालची और ईर्ष्यालु लोगों की आत्मा को रौरव नरक में भेजा जाता है।'
tamishram — 'धोखे से किसी की संपत्ति हड़पने वाले — लोभवश — को तमिश्रम नरक में बार-बार पिटाई मिलती है।'
कुड्म — 'जो लोग केवल स्वयं का पेट भरते हैं और दूसरों को नहीं देते — कुड्मल जैसे नरक भोगने पड़ते हैं।'
पुनर्जन्म में — 'दूसरों का धन हड़पने वाले, दूसरों के गुणों में दोष देखने वाले तथा दूसरों से ईर्ष्या करने वाले नरक में जाते हैं।'
गरुड़ पुराण का पाँचवाँ अध्याय — 'दान न देने से प्राणी दरिद्र होता है।' लोभ का अंतिम परिणाम दरिद्रता ही है।





