विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में देवताओं की पूजा न करना और उनका अपमान करना नरकगामी बताया गया है।
घोर नरक — गरुड़ पुराण के चतुर्थ अध्याय में — 'जो मन्द पुरुष भगवान शिव, भगवती शक्ति, नारायण, सूर्य, गणेश, सद्गुरु और विद्वान की पूजा नहीं करते, वे नरक में जाते हैं।'
विदीर्ण नरक — 'धर्म-विरोधियों के अंग तोड़ दिए जाते हैं।' देव-अपमान एक प्रकार का धर्म-विरोध है।
तप्तलोहमय — 'पाखंडी लोग तपते लोहे में जलाए जाते हैं।' जो देव-पूजा का ढोंग करे और अंदर से अपमान करे।
प्रेत योनि — 'ईश्वर में विश्वास नहीं करता — ऐसा व्यक्ति प्रेत योनि में अवश्य जाता है।'
गरुड़ पुराण में — 'भगवान विष्णु और शिव की भक्ति से जीव को प्रेतत्व नहीं प्राप्त होता।' उलटे, उनका अपमान प्रेतत्व का कारण बनता है।
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