विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में धर्म-विरोध और धर्म-अपमान के लिए अनेक नरकों का विधान है।
अंधतामिस्त्र नरक — 'जो व्यक्ति अधर्म से कुटुम्ब के भरण-पोषण के लिए प्रयत्नशील है, वह अंधतामिस्त्र नामक नरक में जाता है।'
विदीर्ण नरक — 'धर्म-विरोधियों के अंग तोड़ दिए जाते हैं।' धर्म का सीधा विरोध और अपमान करने वाले इस नरक में जाते हैं।
तप्तलोहमय नरक — 'पाखंडी लोग — जो धर्म का ढोंग करते हैं — तपते लोहे में जलाए जाते हैं।' धर्म का पाखंड भी धर्म-अपमान का ही रूप है।
प्रेत योनि — 'ईश्वर में विश्वास नहीं करता और धर्म का पालन नहीं करता — ऐसा व्यक्ति प्रेत योनि में जाता है।'
गरुड़ पुराण की चेतावनी — 'पापशीला नरा यान्ति दुखेन यमयातनाम' — पापकर्म में प्रवृत्त प्राणी दुख से यमयातना को भोगते हैं।





