विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में पवित्र वस्तुओं और स्थानों के अपमान के लिए विशिष्ट नरकों का विधान है।
लालभोजन नरक — 'ब्राह्मण भोजन का अपमान करने वालों को लालभोजन नरक में मांस दिया जाता है।'
सौचावट नरक — 'शुद्धता का अनादर करने वालों को सौचावट नरक में मल में डुबोया जाता है।'
तप्तलोहमय नरक — 'पाखंडी लोग — जो पवित्र चीजों का ढोंग करते हैं — तप्तलोहमय नरक में तपते लोहे में जलाए जाते हैं।'
मंदिर-संपत्ति हरण — 'ब्राह्मण अथवा मंदिर की संपत्ति का हरण करने वाला — ऐसा व्यक्ति प्रेत योनि में जाता है और वैतरणी में दुःख भोगता है।'
वन-नाश — 'अत्यधिक वृक्षों को काटने वाले, वन और वाटिका को नष्ट करने वाले — ये वैतरणी में जाते हैं।' प्रकृति और वन भी पवित्र संपदा है।





