विस्तृत उत्तर
शिव पुराण और पद्म पुराण में शिव जी को प्रिय पुष्पों का विस्तृत वर्णन है।
शिव प्रिय पुष्प (अत्यंत शुभ)
- 1बेलपत्र (Bilva/बिल्व पत्र) — सर्वाधिक प्रिय; यह तकनीकी रूप से फूल नहीं बल्कि पत्ता है किंतु सर्वोच्च माना गया है। त्रिपत्र (तीन पत्ते एकसाथ) चढ़ाएं।
- 2धतूरा — शिव जी का अत्यंत प्रिय पुष्प; विष को दूर करने का प्रतीक
- 3आक (मदार) के फूल — विशेषतः श्वेत आक
- 4नीला कमल (इंदीवर) — अत्यंत शुभ
- 5कनेर (Oleander) — पीला कनेर विशेष
- 6जूही (Jasminum auriculatum)
- 7चमेली
- 8अपराजिता (नीली)
शास्त्रीय प्रमाण
शिव पुराण में कहा गया है — 'बिल्वपत्रं शिवार्पणम्' — एक बेलपत्र का अर्पण सहस्र पुष्पों के बराबर है।
वर्जित पुष्प
- ▸केतकी (केवड़ा) — पूर्णतः वर्जित (ब्रह्म-शिव विवाद कथा के कारण)
- ▸तुलसी — शिव पूजा में वर्जित (विष्णु को अर्पित है)
- ▸लाल कनेर — कुछ मान्यताओं में वर्जित
बेलपत्र चढ़ाने का नियम
- ▸बेलपत्र का चिकना भाग शिवलिंग की ओर करके अर्पित करें
- ▸डंठल शिव की ओर और चिकना भाग ऊपर रखें





