विस्तृत उत्तर
देवी दुर्गा को विशेष रूप से लाल रंग के पुष्प अत्यंत प्रिय हैं। देवी भागवत और तंत्र शास्त्र में इनका विस्तृत वर्णन है:
दुर्गा जी के प्रिय पुष्प
- 1लाल गुड़हल (जासवंद/Hibiscus) — सर्वाधिक प्रिय
- ▸दुर्गा जी की शक्ति और रक्त का प्रतीक
- ▸तांत्रिक पूजा में अनिवार्य
- ▸विशेषकर 108 लाल गुड़हल अर्पण अत्यंत शुभ
- 1लाल गुलाब — भक्ति और प्रेम का प्रतीक
- 1लाल कनेर — विशेष पूजा में
- 1चंपा — सुगंधित; देवी को प्रिय
- 1अपराजिता (नीली) — विशेषकर काली-चंडी रूप के लिए
- 1पलाश (ढाक) के फूल — नवरात्रि में विशेष महत्व
- 1मल्लिका (चमेली) — सुगंधित पुष्प
- 1कमल — देवी लक्ष्मी रूप में
तंत्र शास्त्र का विधान
- ▸दुर्गा पूजा में लाल पुष्पों को प्राथमिकता दें
- ▸श्वेत पुष्प भी ग्राह्य हैं (सरस्वती रूप के लिए)
- ▸पीले पुष्प — लक्ष्मी रूप के लिए
वर्जित पुष्प
- ▸आक (मदार) — दुर्गा पूजा में वर्जित (शिव पूजा में प्रयुक्त)
- ▸केतकी — वर्जित
- ▸कुंद — कुछ मतों में वर्जित
विशेष: देवी को 108 लाल गुड़हल अर्पण करने से मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है — यह सप्तशती में वर्णित है।





