विस्तृत उत्तर
भोग के नियम विष्णु पुराण और शिव पुराण में वर्णित हैं:
देवता अनुसार भोग
| देवता | प्रिय भोग |
|-------|------------|
| विष्णु/कृष्ण | पंचामृत, माखन, मिश्री, तुलसी युक्त |
| शिव | बेलपत्र, भाँग, दूध, खीर |
| दुर्गा | खीर, पूड़ी, हलवा |
| काली | खीर, नींबू, नारियल |
| लक्ष्मी | खीर, मालपुआ, कमल भोग |
| गणेश | मोदक, लड्डू |
| हनुमान | लड्डू, बेसन भोग, पान |
| सूर्य | गेहूं की खिचड़ी, गुड़ |
सामान्य भोग के नियम
- 1सात्विक — प्याज-लहसुन रहित
- 2ताजा बना
- 3स्वयं चखकर न रखें — पहले भोग लगाएं
- 4शुद्ध घी में बनाया — श्रेष्ठ
भगवद् गीता (9.26)
पत्रं पुष्पं फलं तोयं' — पत्ता, पुष्प, फल या जल — भक्तिपूर्वक अर्पित कोई भी वस्तु पर्याप्त।





