विस्तृत उत्तर
नारद जी के अनुसार अतल लोक की भूमि अत्यंत विचित्र और बहुवर्णीय है। यहाँ की मिट्टी सफेद, काली, लाल (बैंगनी), पीली, रेतीली, पथरीली और स्वर्णमयी है। इस प्रकार अतल लोक की भूमि सात विभिन्न रंगों की होती है जो इसे पृथ्वी से सर्वथा भिन्न बनाती है। यहाँ के भवन, महल और प्रांगण अत्यंत भव्य तथा बहुमूल्य रत्नों और मणियों से निर्मित हैं जिनका निर्माण स्वयं मय दानव और विश्वकर्मा ने किया है। यहाँ के सरोवरों और झीलों में अत्यंत सुंदर और सुगंधित कमल खिले रहते हैं और नदियों का जल अमृत के समान मीठा और निर्मल होता है।
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