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शिव पूजा📜 शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता), लिंग पुराण, स्कंद पुराण2 मिनट पठन

सावन में शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

सावन में शिवलिंग पर: बिल्वपत्र (सर्वोच्च — त्रिदल = त्रिमूर्ति)। जल/गंगाजल। दूध। भाँग/धतूरा (शिव-प्रिय, अर्पण हेतु)। आँकड़े के श्वेत फूल। भस्म/विभूति। चंदन। वर्जित: तुलसी, केवड़ा, हल्दी, टूटे अक्षत।

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विस्तृत उत्तर

सावन में शिवलिंग पर अर्पित की जाने वाली सामग्री का विस्तृत विवरण शिव पुराण में मिलता है।

1बिल्वपत्र (सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण)

शिव पुराण: 'बिल्वस्य दलमेकं च ददाति यदि शिवाय। देवत्वमुपयाति...' — एक बिल्वपत्र शिव को अर्पित करने से देवत्व-प्राप्ति। त्रिदल (तीन पत्तों वाला) बिल्वपत्र = त्रिमूर्ति (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) का प्रतीक।

2जल/गंगाजल

नित्य जलाभिषेक — सर्वप्रथम।

3दूध

दूध से अभिषेक — पुत्र-प्राप्ति और आयुष्य-वृद्धि।

4भाँग/धतूरा

शिव पुराण: भाँग और धतूरा शिव को अत्यंत प्रिय — ये उनके 'वैद्यनाथ' स्वरूप से जुड़े हैं। (टिप्पणी: यह केवल शिव को अर्पण के लिए है, सेवन के लिए नहीं।)

5आँकड़े के फूल (मदार)

सफेद आँकड़े के फूल — अत्यंत शुभ।

6भस्म (विभूति)

शिव पुराण: शिव को भस्म अत्यंत प्रिय — शिवलिंग पर भस्म लगाएँ।

7चंदन

श्वेत चंदन — शीतलता और शांति का प्रतीक।

वर्जित सामग्री (शिवलिंग पर न चढ़ाएँ)

तुलसी (शिव को तुलसी वर्जित), केवड़ा, हल्दी (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर), टूटे चावल।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण (विद्येश्वर संहिता), लिंग पुराण, स्कंद पुराण
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