विस्तृत उत्तर
सावन में शिवलिंग पर अर्पित की जाने वाली सामग्री का विस्तृत विवरण शिव पुराण में मिलता है।
1बिल्वपत्र (सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण)
शिव पुराण: 'बिल्वस्य दलमेकं च ददाति यदि शिवाय। देवत्वमुपयाति...' — एक बिल्वपत्र शिव को अर्पित करने से देवत्व-प्राप्ति। त्रिदल (तीन पत्तों वाला) बिल्वपत्र = त्रिमूर्ति (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) का प्रतीक।
2जल/गंगाजल
नित्य जलाभिषेक — सर्वप्रथम।
3दूध
दूध से अभिषेक — पुत्र-प्राप्ति और आयुष्य-वृद्धि।
4भाँग/धतूरा
शिव पुराण: भाँग और धतूरा शिव को अत्यंत प्रिय — ये उनके 'वैद्यनाथ' स्वरूप से जुड़े हैं। (टिप्पणी: यह केवल शिव को अर्पण के लिए है, सेवन के लिए नहीं।)
5आँकड़े के फूल (मदार)
सफेद आँकड़े के फूल — अत्यंत शुभ।
6भस्म (विभूति)
शिव पुराण: शिव को भस्म अत्यंत प्रिय — शिवलिंग पर भस्म लगाएँ।
7चंदन
श्वेत चंदन — शीतलता और शांति का प्रतीक।
वर्जित सामग्री (शिवलिंग पर न चढ़ाएँ)
तुलसी (शिव को तुलसी वर्जित), केवड़ा, हल्दी (विशेष परिस्थितियों को छोड़कर), टूटे चावल।





