विस्तृत उत्तर
रुद्राभिषेक के फल का वर्णन शिव पुराण की कोटिरुद्र संहिता में विस्तार से मिलता है।
शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता) के अनुसार
रुद्राभिषेकेण सर्वान् कामान् प्राप्नोति।' — रुद्राभिषेक से सभी कामनाएँ पूर्ण होती हैं।
अभिषेक-द्रव्य अनुसार विशेष फल
| द्रव्य | विशेष फल |
|-------|----------|
| जल | पाप-नाश, ताप-शमन |
| दूध | पुत्र-प्राप्ति, आयुष्य |
| दही | धन-धान्य |
| घी | मोक्ष, आध्यात्मिक उन्नति |
| शहद | वाक्-सिद्धि, सौंदर्य |
| शर्करा | सौभाग्य, पारिवारिक शांति |
| गन्ना-रस | आरोग्य |
| पंचामृत | सर्व-कामना-सिद्धि |
| गंगाजल | मोक्ष, पितृ-शांति |
सामान्य लाभ
- 1ग्रह-दोष शांति (विशेषतः शनि, मंगल, केतु)
- 2रोग-निवारण
- 3संतान-प्राप्ति
- 4व्यवसाय-समृद्धि
- 5शत्रु-शांति
- 6मृत्यु-भय निवारण
- 7मोक्ष-प्राप्ति
एकादश रुद्राभिषेक (11 बार रुद्री पाठ): विशेष कामना-सिद्धि के लिए।
लघु रुद्र (11 एकादश-रुद्री): अत्यंत शक्तिशाली।
महा रुद्र (11 लघु-रुद्र): दुर्लभ और सर्वोच्च।





