ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
शिव पूजा📜 शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता), तैत्तिरीय संहिता, स्कंद पुराण1 मिनट पठन

रुद्राभिषेक से क्या लाभ होते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

रुद्राभिषेक लाभ: शिव पुराण — 'सर्वान् कामान् प्राप्नोति।' द्रव्य-फल: दूध=पुत्र, घी=मोक्ष, शहद=वाक्-सिद्धि, गंगाजल=मोक्ष+पितृ-शांति। सामान्य: ग्रह-दोष शांति, रोग-निवारण, संतान, समृद्धि, शत्रु-शांति। एकादश रुद्राभिषेक > लघु रुद्र > महा रुद्र (शक्ति-क्रम)।

📖

विस्तृत उत्तर

रुद्राभिषेक के फल का वर्णन शिव पुराण की कोटिरुद्र संहिता में विस्तार से मिलता है।

शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता) के अनुसार

रुद्राभिषेकेण सर्वान् कामान् प्राप्नोति।' — रुद्राभिषेक से सभी कामनाएँ पूर्ण होती हैं।

अभिषेक-द्रव्य अनुसार विशेष फल

| द्रव्य | विशेष फल |

|-------|----------|

| जल | पाप-नाश, ताप-शमन |

| दूध | पुत्र-प्राप्ति, आयुष्य |

| दही | धन-धान्य |

| घी | मोक्ष, आध्यात्मिक उन्नति |

| शहद | वाक्-सिद्धि, सौंदर्य |

| शर्करा | सौभाग्य, पारिवारिक शांति |

| गन्ना-रस | आरोग्य |

| पंचामृत | सर्व-कामना-सिद्धि |

| गंगाजल | मोक्ष, पितृ-शांति |

सामान्य लाभ

  1. 1ग्रह-दोष शांति (विशेषतः शनि, मंगल, केतु)
  2. 2रोग-निवारण
  3. 3संतान-प्राप्ति
  4. 4व्यवसाय-समृद्धि
  5. 5शत्रु-शांति
  6. 6मृत्यु-भय निवारण
  7. 7मोक्ष-प्राप्ति

एकादश रुद्राभिषेक (11 बार रुद्री पाठ): विशेष कामना-सिद्धि के लिए।

लघु रुद्र (11 एकादश-रुद्री): अत्यंत शक्तिशाली।

महा रुद्र (11 लघु-रुद्र): दुर्लभ और सर्वोच्च।

📜
शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता), तैत्तिरीय संहिता, स्कंद पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

रुद्राभिषेकलाभफलकामना-सिद्धिमोक्ष

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

रुद्राभिषेक से क्या लाभ होते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको शिव पूजा से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता), तैत्तिरीय संहिता, स्कंद पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।