विस्तृत उत्तर
शिव पूजा में काले वस्त्र पहनने को लेकर शास्त्रों में स्पष्ट विधान है:
सामान्य नियम — काले वस्त्र वर्जित
पूजा-पाठ में सामान्यतः काले वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। काला रंग तमोगुण का प्रतीक माना जाता है। पूजा सात्त्विक कर्म है — इसमें सात्त्विक (श्वेत, पीला, केसरिया) या राजसिक (लाल) रंग उचित हैं।
शिव पूजा में विशेष
शिव भगवान स्वयं तमोगुण के नियंत्रक हैं। वे श्मशानवासी, भस्मधारी, काल के भी काल (महाकाल) हैं। इसलिए कुछ तांत्रिक/विशेष शैव परम्पराओं में काले वस्त्र का निषेध नहीं है।
निष्कर्ष
- ▸सामान्य गृहस्थ भक्त: काले वस्त्र से बचें। श्वेत, भगवा/केसरिया, या हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
- ▸तांत्रिक साधक: गुरु आज्ञानुसार काले वस्त्र धारण कर सकते हैं (काली, भैरव, महाकाल साधना में)।
- ▸महाशिवरात्रि/सावन: श्वेत या भगवा वस्त्र सर्वोत्तम।
शिव पूजा में उत्तम रंग: श्वेत (शिव = शुद्ध/शुभ्र), भगवा/केसरिया (संन्यास/तप), रुद्राक्ष रंग (भूरा), लाल (शक्ति उपासना में)।
विशेष: चमड़े के वस्त्र या बेल्ट पहनकर भी शिव पूजा नहीं करनी चाहिए (चमड़ा = मृत पशु = अपवित्र)।





