विस्तृत उत्तर
शिव पूजा के फलों का विस्तृत वर्णन शिव पुराण की कोटिरुद्र संहिता में मिलता है।
शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता) के अनुसार शिव पूजा के फल
1पाप-नाश
शिवपूजाकरो नित्यं पापं नश्यति तत्क्षणम्।' — नित्य शिव पूजा से पाप तत्काल नष्ट होते हैं।
2रोग-निवारण
शिव = वैद्यनाथ। उनकी पूजा से सभी रोग शांत होते हैं, विशेषतः असाध्य रोग।
3शत्रु-नाश
लिंग पुराण: शिव की उग्र रूप की पूजा से शत्रुओं का भय दूर होता है।
4धन-धान्य-समृद्धि
नित्य शिव-पूजा से गृहस्थ के घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
5संतान-प्राप्ति
शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा — संतान-प्राप्ति के लिए विशेष।
6ग्रह-दोष शांति
शनि, राहु, केतु, मंगल — सभी ग्रह-दोषों में शिव-पूजा लाभदायक।
7मोक्ष
शिव पुराण: शिव = मोक्षदाता। नित्य शिव-पूजा से जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति।
8परिवार-सुरक्षा
शिव = पशुपति (प्राणियों के रक्षक)। परिवार की रक्षा।
9आत्मिक शांति
शिव = शांति-स्वरूप। उनकी पूजा से मन की अशांति दूर होती है।
स्कंद पुराण: 'यः शिवं नित्यमाराधयेत् स मुक्तिं प्राप्नुयात् ध्रुवम्।' — जो नित्य शिव की आराधना करता है, वह निश्चित रूप से मुक्ति पाता है।





