विस्तृत उत्तर
रुद्राभिषेक हिंदू धर्म की सर्वाधिक पवित्र और शक्तिशाली वैदिक पूजा-विधि है।
परिभाषा
रुद्राभिषेक = रुद्र (भगवान शिव का वैदिक नाम) + अभिषेक (जल/पंचामृत से स्नान कराना) + वैदिक मंत्र-पाठ।
रुद्राभिषेक का मूल
कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय संहिता (4.5) में 'श्री रुद्रम्' (शतरुद्रिय) और उसके बाद 'श्री चमकम्' (अनुवाक) का पाठ — यही रुद्राभिषेक का वैदिक आधार है।
श्री रुद्रम् की संरचना
- ▸नमकम् (11 अनुवाक) — रुद्र के 108 रूपों की स्तुति, विनम्र प्रार्थना और 'नमः' की आवृत्ति
- ▸चमकम् (11 अनुवाक) — 'च मे' (और मुझे यह दो) — 346 वस्तुओं की प्रार्थना
रुद्राभिषेक बनाम साधारण जलाभिषेक
| विषय | जलाभिषेक | रुद्राभिषेक |
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| मंत्र | पंचाक्षरी | श्री रुद्रम् (वैदिक) |
| समय | 15-30 मिनट | 1-3 घंटे |
| पात्रता | सभी | विद्वान पुरोहित |
| फल | पाप-नाश | सर्व-कामना-सिद्धि |





