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शिव पूजा📜 कृष्ण यजुर्वेद (तैत्तिरीय संहिता 4.5 और 4.7), शिव पुराण2 मिनट पठन

रुद्राभिषेक के दौरान कौन सा मंत्र पढ़ा जाता है?

संक्षिप्त उत्तर

रुद्राभिषेक मंत्र: श्री रुद्रम् (नमकम्) — तैत्तिरीय संहिता 4.5 (11 अनुवाक)। चमकम् — तैत्तिरीय संहिता 4.7 (346 वर-प्रार्थना)। महामृत्युंजय (ऋग्वेद 7.59.12) — 108 बार। पंचाक्षरी — 'ॐ नमः शिवाय'। श्री रुद्रम् गुरु से सीखकर पढ़ें; गृहस्थ — पंचाक्षरी + महामृत्युंजय।

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विस्तृत उत्तर

रुद्राभिषेक में पढ़े जाने वाले मंत्र वेद-प्रमाणित हैं और अत्यंत शक्तिशाली हैं।

मुख्य मंत्र

1श्री रुद्रम् (नमकम्) — कृष्ण यजुर्वेद, तैत्तिरीय संहिता 4.5

यह 11 अनुवाकों में विभाजित है। पहले अनुवाक का आरंभ:

नमस्ते रुद्र मन्यव उतो त इषवे नमः।

नमस्ते अस्तु धन्वने बाहुभ्यामुत ते नमः।'

— रुद्र के क्रोध, बाण, धनुष और भुजाओं को नमस्कार।

2चमकम् — तैत्तिरीय संहिता 4.7

'अग्निश्च म इन्द्रश्च मे सोमश्च मे... च मे'

— 346 वरों की प्रार्थना। प्रत्येक पंक्ति के अंत में 'च मे' (और यह मुझे दो)।

3महामृत्युंजय मंत्र (ऋग्वेद 7.59.12)

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।'

— रुद्राभिषेक में 108 बार जप।

4पंचाक्षरी — 'ॐ नमः शिवाय'

नमकम् के बाद पंचाक्षरी का 108 बार जप।

5शिव-पंचाक्षर स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।

टिप्पणी: श्री रुद्रम् का उच्चारण गुरु से सीखकर करना चाहिए — गलत उच्चारण से विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। अशिक्षित व्यक्ति पंचाक्षरी और महामृत्युंजय मंत्र से रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

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शास्त्रीय स्रोत
कृष्ण यजुर्वेद (तैत्तिरीय संहिता 4.5 और 4.7), शिव पुराण
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