विस्तृत उत्तर
रुद्राभिषेक में पढ़े जाने वाले मंत्र वेद-प्रमाणित हैं और अत्यंत शक्तिशाली हैं।
मुख्य मंत्र
1श्री रुद्रम् (नमकम्) — कृष्ण यजुर्वेद, तैत्तिरीय संहिता 4.5
यह 11 अनुवाकों में विभाजित है। पहले अनुवाक का आरंभ:
नमस्ते रुद्र मन्यव उतो त इषवे नमः।
नमस्ते अस्तु धन्वने बाहुभ्यामुत ते नमः।'
— रुद्र के क्रोध, बाण, धनुष और भुजाओं को नमस्कार।
2चमकम् — तैत्तिरीय संहिता 4.7
'अग्निश्च म इन्द्रश्च मे सोमश्च मे... च मे'
— 346 वरों की प्रार्थना। प्रत्येक पंक्ति के अंत में 'च मे' (और यह मुझे दो)।
3महामृत्युंजय मंत्र (ऋग्वेद 7.59.12)
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।'
— रुद्राभिषेक में 108 बार जप।
4पंचाक्षरी — 'ॐ नमः शिवाय'
नमकम् के बाद पंचाक्षरी का 108 बार जप।
5शिव-पंचाक्षर स्तोत्र (आदि शंकराचार्य)
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
टिप्पणी: श्री रुद्रम् का उच्चारण गुरु से सीखकर करना चाहिए — गलत उच्चारण से विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। अशिक्षित व्यक्ति पंचाक्षरी और महामृत्युंजय मंत्र से रुद्राभिषेक कर सकते हैं।





