विस्तृत उत्तर
सावन सोमवार व्रत की विधि शिव पुराण की उमा संहिता और स्कंद पुराण में वर्णित है।
व्रत की संपूर्ण विधि
1व्रत-संकल्प (रविवार रात्रि या सोमवार प्रातः)
ॐ शिवाय नमः। शिव-प्रीतये सावन सोमवार व्रतं करिष्ये।
2प्रातःकाल
- ▸ब्रह्म मुहूर्त में उठें
- ▸स्नान कर श्वेत/पीत वस्त्र पहनें
- ▸शिवलिंग पर जलाभिषेक करें
- ▸'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप
3पूजन सामग्री
बिल्वपत्र, सफेद पुष्प (धतूरा, आँकड़ा, कनेर), भाँग, भस्म, चंदन, अक्षत, दीप, धूप, जल, दूध, शहद।
4व्रत का आहार-नियम
- ▸पूर्ण उपवास (निराहार) — सर्वोत्तम
- ▸एकाहार (एक बार फलाहार) — सामान्य
- ▸नमक वर्जित
- ▸संध्या-काल में व्रत-कथा श्रवण के बाद प्रसाद ग्रहण
5सायंकाल पूजन
- ▸पुनः शिव-पूजन
- ▸सावन सोमवार व्रत-कथा पढ़ें/सुनें
- ▸शिव-आरती
- ▸परिक्रमा (3 या 7 बार)
6व्रत-उद्यापन
चार या पाँच सोमवार के बाद पूर्णाहुति — ब्राह्मण-भोज और दान।
शिव पुराण (उमा संहिता): सोमवार व्रत विशेषतः स्त्रियों के लिए — सौभाग्य, पतिदेव की दीर्घायु और पुत्र-प्राप्ति के लिए।





