विज्ञान+धर्मव्रत उपवास के वैज्ञानिक लाभ?Autophagy(Nobel 2016): 12-16hr उपवास=कोशिका सफाई। इंसुलिन/Diabetes सुधार, Fat burning, Brain BDNF, हृदय, Longevity। एकादशी(15 दिन)=5000 वर्ष पहले वही=Nobel 2016। Diabetes/गर्भवती=डॉक्टर।#व्रत#उपवास#वैज्ञानिक
देवी साधनादेवी अनुष्ठान में कितने दिन उपवास रखना चाहिए?9 दिन (नवरात्रि), 16 (महालक्ष्मी), 21, 40 (तांत्रिक)। उपवास: निराहार/फलाहार/एक समय/सात्विक। सवा लाख जप = 40 दिन। ब्रह्मचर्य अनिवार्य।#अनुष्ठान#उपवास#दिन
व्रत एवं त्योहाररामनवमी पर व्रत कैसे रखें?रामनवमी व्रत में प्रातः स्नान, सूर्य को अर्घ्य, संकल्प और दोपहर को श्रीराम की विशेष पूजा करें। अन्न का त्याग कर फलाहार करें। रामरक्षास्तोत्र और रामचरितमानस का पाठ करें।#रामनवमी#व्रत विधि#चैत्र नवमी
शिव मंत्रशिव मंत्र जप के दौरान उपवास जरूरी है या नहीं?नित्य जप: उपवास अनिवार्य नहीं, सात्विक आहार पर्याप्त। विशेष अनुष्ठान (सवा लाख जप): उपवास/एकाहार/फलाहार का विधान। सोमवार व्रत, महाशिवरात्रि पर जप+उपवास विशेष फलदायी। मांस-मदिरा-तामसिक आहार सदा वर्जित। शारीरिक स्थिति अनुसार निर्णय लें।#उपवास#जप नियम#साधना
दार्शनिक आधारएकादशी और 'उपवास' का असली अर्थ क्या है?'एकादशी' का अर्थ है शरीर की 11 इंद्रियों और मन को संसार से हटाकर भगवान में लगाना। 'उपवास' का असली मतलब है परमात्मा के निकट निवास करना।#एकादशी अर्थ#उपवास#इंद्रिय निग्रह
देवी उपासनानवरात्रि में उपवास के दौरान नमक खा सकते हैं या नहींनवरात्रि नमक: सामान्य नमक = अधिकांश परम्पराओं में वर्जित। सेंधा नमक (Rock Salt) = मान्य और शुभ (आयुर्वेद: सैन्धव सर्वोत्तम)। कठोर व्रत = कोई नमक नहीं। व्रत आहार: कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, आलू, दूध, फल, मखाने। क्षेत्र/कुलाचार अनुसार भिन्नता।#नवरात्रि#उपवास#नमक
शिव पूजाशिवरात्रि व्रत में फलाहार कब करना चाहिए?शिवरात्रि फलाहार: आदर्श = निर्जला। प्रातःकाल एक बार फलाहार (फल, दूध, साबूदाना)। रात्रि प्रहरों के बीच दूध/फल ले सकते हैं। अगले दिन पारण। अन्न-प्याज-लहसुन वर्जित। रात्रि जागरण प्रधान — कम से कम 1 प्रहर अवश्य जागें।#शिवरात्रि#फलाहार#व्रत भोजन
व्रत विधिएकादशी व्रत कैसे रखें विधि और नियम?एकादशी व्रत: दशमी शाम एक भोजन (चावल वर्जित) → एकादशी: निर्जला/फलाहार + विष्णु पूजा + 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' + रात्रि जागरण → द्वादशी: सूर्योदय बाद पारण। अन्न-प्याज-लहसुन वर्जित। प्रति मास 2, वर्ष 24 एकादशी।#एकादशी#व्रत#विष्णु
शिव पूजासावन सोमवार व्रत कैसे रखें?सावन सोमवार व्रत: ब्रह्म मुहूर्त — स्नान → श्वेत/पीत वस्त्र → जलाभिषेक → 108 बार 'ॐ नमः शिवाय'। सामग्री: बिल्वपत्र, धतूरा, भाँग, भस्म, दूध। आहार: निराहार (सर्वोत्तम) या एकाहार-फलाहार, नमक वर्जित। सायं — व्रत-कथा → आरती → परिक्रमा। 4-5 सोमवार बाद उद्यापन।#सावन सोमवार#व्रत#विधि
जप आहारमंत्र जप के दौरान क्या खाना चाहिए?जप में आहार: फल-दूध सर्वोत्तम, सादा सात्विक भोजन। वर्जित: प्याज-लहसुन, मांसाहार, मद्य, बासी भोजन। पुरश्चरण में एकभुक्त। जप से 2 घंटे पहले भारी भोजन नहीं। खाली पेट या फलाहार बाद — जप सर्वोत्तम।#आहार#सात्विक#फल
व्रत विधिनवरात्रि में व्रत कैसे रखें?नवरात्रि व्रत में: सेंधा नमक, कुट्टू-सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, फल, दूध-दही। प्याज-लहसुन-मांसाहार वर्जित। प्रतिदिन नवदुर्गा पूजा और सप्तशती पाठ। नवमी को कन्या पूजन के बाद व्रत पारण। 9 दिन संभव न हो तो प्रथम और नवमी का व्रत पर्याप्त है।#नवरात्रि व्रत#9 दिन#उपवास
व्रत विधिसोमवार व्रत करने का सही तरीका क्या है?सोमवार व्रत में: स्नान, श्वेत वस्त्र, शिवलिंग पर जल-पंचामृत, बेलपत्र, 108 बार 'ॐ नमः शिवाय', आरती। एकभोजन (सूर्यास्त के बाद), मांस-मदिरा वर्जित। 16 सोमवार व्रत विशेष मनोकामना के लिए — 17वें सोमवार उद्यापन।#सोमवार व्रत#शिव व्रत#नियम
व्रत विधिमंगलवार व्रत के नियम क्या हैं?मंगलवार व्रत में: सूर्योदय से पूर्व स्नान, लाल वस्त्र, गेहूँ वर्जित, एक बार भोजन (सूर्यास्त के बाद), सिंदूर और गुड़-चना चढ़ाएं, हनुमान चालीसा 3-7 बार पढ़ें। झूठ, क्रोध और मांसाहार से बचें। 21 मंगलवार लगातार व्रत से मनोकामना पूर्ण होती है।#मंगलवार व्रत#हनुमान व्रत#नियम
व्रत विधिनवरात्रि में व्रत कैसे रखें?नवरात्रि व्रत में सेंधा नमक, फल, दूध, साबुदाना, मखाना, कुट्टू आटा लें। लहसुन, प्याज, मांस वर्जित। ब्रह्मचर्य, ब्रह्ममुहूर्त पूजा और सायंकाल आरती करें। नवमी को कन्या पूजन और दशमी को पारण करें।#नवरात्रि व्रत#उपवास#नियम
व्रत विधिसोमवार व्रत करने का सही तरीका क्या है?सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करके शिव पूजा करें — जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप करें। दिन में एक बार फलाहार लें, नमक का त्याग करें और सायंकाल व्रत कथा सुनें।#सोमवार व्रत#शिव व्रत#उपवास
मंत्र जप नियममंत्र जप के दौरान उपवास जरूरी है या नहीं?अनुष्ठान: निराहार (कठोर), एक समय (मध्यम), सात्विक (सामान्य)। दैनिक: जरूरी नहीं — खाली पेट > भरा। नवरात्रि: व्रत+जप = द्विगुणित। 'सात्विक > तामसिक।'#उपवास#जरूरी#जप