ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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व्रत विधि📜 शिव पुराण - उमा संहिता, व्रत कथा परंपरा2 मिनट पठन

सोमवार व्रत करने का सही तरीका क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

सोमवार को ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करके शिव पूजा करें — जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप करें। दिन में एक बार फलाहार लें, नमक का त्याग करें और सायंकाल व्रत कथा सुनें।

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विस्तृत उत्तर

शिव पुराण की उमा संहिता में सोमवार व्रत का विस्तृत विधान मिलता है।

व्रत के प्रकार

  1. 1साधारण सोमवार व्रत — प्रत्येक सोमवार को
  2. 2सोलह सोमवार व्रत — लगातार 16 सोमवार
  3. 3सावन सोमवार व्रत — सावन माह के सभी सोमवार

विधि

प्रातःकाल (ब्रह्ममुहूर्त में उठें)

  1. 1स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें (श्वेत या पीला)
  2. 2शिव मंदिर जाएं या घर में शिव पूजा करें
  3. 3शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग अर्पित करें
  4. 4'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप करें
  5. 5शिव आरती करें

व्रत नियम

  • दिन में एक बार भोजन (सूर्यास्त के बाद) या निर्जला व्रत रखें
  • फलाहार (फल, दूध, साबुदाना) ग्रहण करें
  • नमक का परित्याग करें
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें
  • क्रोध, झूठ और हिंसा से बचें

सायंकाल

  • पुनः शिव पूजा करें
  • सोमवार व्रत कथा सुनें या पढ़ें
  • भोजन में सात्विक भोजन ग्रहण करें

व्रत उद्यापन (16वें सोमवार)

  • पंडित जी से विधिपूर्वक पूजन कराएं
  • ब्राह्मण भोज करवाएं और दक्षिणा दें

फल: मनोकामना पूर्ति, विवाह बाधा दूर, पति-पत्नी में प्रेम, स्वास्थ्य लाभ।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण - उमा संहिता, व्रत कथा परंपरा
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