विस्तृत उत्तर
हरतालिका तीज निर्जला व्रत फल:
- 1पार्वती तुल्य तप: पार्वती ने निर्जला तप से शिव प्राप्त किए। हरतालिका निर्जला = पार्वती अनुसरण = उनकी कृपा।
- 1अखण्ड सौभाग्य: सुहागन स्त्री = पति दीर्घायु, सौभाग्य अखण्ड। यह व्रत = करवा चौथ से भी कठिन = फल भी अधिक।
- 1शिव-पार्वती कृपा: शिव+पार्वती दोनों प्रसन्न = दाम्पत्य सुख, संतान सुख, गृहस्थ समृद्धि।
- 1पाप क्षय: निर्जला = सबसे कठोर तप। कठोर तप = अधिक पापक्षय = अधिक पुण्य।
- 1अगले जन्म: शिव पुराण: हरतालिका निर्जला = अगले जन्म में भी उत्तम पति + सौभाग्य।
सावधानी: अत्यंत कठोर — जल भी नहीं (भाद्रपद = गर्मी-उमस)। स्वास्थ्य सर्वोपरि। वृद्ध/रोगी/गर्भवती = जल की छूट। शिव-पार्वती भावना देखते हैं, कष्ट नहीं।





