ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
व्रत विधि📜 पद्म पुराण, भविष्य पुराण, नारद पुराण2 मिनट पठन

परमा एकादशी का व्रत किस उद्देश्य से रखें?

संक्षिप्त उत्तर

परमा एकादशी: अधिक/पुरुषोत्तम मास शुक्ल एकादशी (2.5-3 वर्ष में एक बार)। उद्देश्य: सर्वपाप नाश, सभी एकादशियों का सम्मिलित पुण्य, मोक्ष कामना। अधिक मास = पुरुषोत्तम (विष्णु) मास — सर्व पुण्य कर्म अनेकगुना फल।

📖

विस्तृत उत्तर

परमा एकादशी अधिक मास (पुरुषोत्तम मास/मल मास) के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी है। अधिक मास प्रत्येक 2.5-3 वर्ष में एक बार आता है।

विशेष उद्देश्य

  1. 1अधिक मास = पुरुषोत्तम मास: अधिक मास को अन्य कोई देवता स्वीकार नहीं करते थे, तब भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) ने इसे अपना मास बनाया। इसलिए इस मास की एकादशी अत्यंत विशेष है।
  1. 1सर्वपाप नाश: परमा एकादशी का व्रत करने से अन्य सभी एकादशियों का सम्मिलित पुण्य प्राप्त होता है।
  1. 1मोक्ष प्राप्ति: पद्म पुराण में कहा गया है कि परमा एकादशी का फल मोक्ष तक ले जाता है। 'परमा' = परम (सर्वश्रेष्ठ)।
  1. 1विशेष पुण्यकाल: अधिक मास में किया गया कोई भी पुण्य कर्म (दान, जप, तप) सामान्य से अनेक गुना फल देता है।

व्रत विधि: सामान्य एकादशी व्रत विधि — दशमी शाम भोजन → एकादशी निर्जला/फलाहार → विष्णु पूजा, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप → रात्रि जागरण → द्वादशी पारण।

किस उद्देश्य से रखें

  • समस्त पापों से मुक्ति।
  • अधिक मास के विशेष पुण्य लाभ।
  • मोक्ष कामना।
  • जीवन के जटिल संकटों से मुक्ति।

विशेष: अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश आदि वर्जित होते हैं किन्तु दान, व्रत, जप, तप विशेष पुण्यदायी हैं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
पद्म पुराण, भविष्य पुराण, नारद पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

परमा एकादशीअधिक मासपुरुषोत्तम मासविशेष पुण्यविष्णु

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

परमा एकादशी का व्रत किस उद्देश्य से रखें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको व्रत विधि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर पद्म पुराण, भविष्य पुराण, नारद पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।