हरतालिका निर्जला: पार्वती तप अनुसरण, अखण्ड सौभाग्य (करवा चौथ से कठिन=फल अधिक), शिव-पार्वती कृपा (दाम्पत्य+संतान), पापक्षय, अगले जन्म सौभाग्य। स्वास्थ्य सर्वोपरि — जल छूट।
- 1पार्वती तुल्य तप: पार्वती ने निर्जला तप से शिव प्राप्त किए। हरतालिका निर्जला = पार्वती अनुसरण = उनकी कृपा।
- 2अखण्ड सौभाग्य: सुहागन स्त्री = पति दीर्घायु, सौभाग्य अखण्ड। यह व्रत = करवा चौथ से भी कठिन = फल भी अधिक।
- 3शिव-पार्वती कृपा: शिव+पार्वती दोनों प्रसन्न = दाम्पत्य सुख, संतान सुख, गृहस्थ समृद्धि।
- 4पाप क्षय: निर्जला = सबसे कठोर तप। कठोर तप = अधिक पापक्षय = अधिक पुण्य।
- 5अगले जन्म: शिव पुराण: हरतालिका निर्जला = अगले जन्म में भी उत्तम पति + सौभाग्य।